पल
जिंदगी का सफर
बड़ा
ही
दिलचस्प
है।
कहने
को
तो
हम
खाली
हात
आते
है,
पर
जातें
वक़्त
बेशुमार
यादें
और
प्यार
ले
जाते
है।
खुश
नसीब
है
वह
जिनको
ईश्वार
रूपी
माता
पिता
का
प्रेम
प्राप्त
होता
है।
आज
मैं
मेरे
पिता
के
बारे
में
कुछ
पंकितयाँ
पेश
करना
चाहती
हु।
मेरे पापा
, " पापा
" यह
शब्द
केहते
ही
मेरे
चेहरे
पे
एक
सुखदायी मुस्कान
आ
जाती
है। दिल
उत्साह
से
गदगद
हो
जाता
है..
पापा
वह
है
जो
तुम्हे
दुनिया
की
हर
ख़ुशी
देना
चाहते
है।
तुम्हे
हर
मुश्किल
से
बचाना
चाहते
है। दुःख
में
तुम्हारे
प्रथम
साथी
तथा
मित्र
बनकर
तुम्हारे
अश्रु
पोछना
चाहते
है। पर
पापा
आजकल
कही
अंदर
ही
अंदर
तूट
रहें
है। वह
जानते
है
की
उनकी
परी
अब
बड़ी
हो
रही
है।
वह
उसके
सात
ज्यादा
समय
नहीं बिता
पा
रहे
है।
दफ्तार
का
काम,
बिटिया रानी
के
सपनो
का
भार
, उसके
लिए
बेह्तरीन
शिक्षा
का
आयोजन
करना
। इन
सब
चीज़ों
में
वह
आजकल
बहुत
उलझे
हुए
रहते
है।
इन
सब
चीज़ों
के
दरमियान,
वक़्त
बदलता
गया
और
वह
बूढ़े
होने
लगे।
अब
मैं
घर
लेट
जाया
करती
हु
और
वह
मेरा
इंतज़ार
किया
करते
है
।
जब
में
घर
लोटती,
तब
उनका
चेहरा
छोटे
बच्चे
की
तरह
खिल
जाता
है
। मनो
वह
मुझे
कुछ
कहना
चाहते
हो
,या
माँ
की
शिकायत
करना। रोज़
की
भाग
दौड़
में
उनसे
अच्छे
से
बात
नहीं
हो
पाती है।
आज जब
सफलता
की
बुलंदियों
को
हासिल
करलिया
है,
तो
इस
मौके
की
ख़ुशी
मनाने
की
लिए
पापा
नहीं
है।
निरंतर
ऐसा
लगता
है
की
एक
दफा
फ़ोन
पर
" पापा
कालिंग
" दिख
जाये।
पर
अब
काफी
देर
हो
गयी
है।
पापा
आपकी
कमी
बहुत
खलती
है।
पापा
मैं
आपको
बहुत
मिस
करती
हूँ।
मैं
आपको
यही
बताना
चाहती
हु
की,
मैं
आपसे
बहुत
प्यार
करती
हु
और
आपके
ख़ुशी
की
कामना
करती
हु।
आप
जहा
कही
भी
हो
, खुश
रहिये
और
सबको
हसाते
रहिये।
आई
मिस
यू
पापा

बहुत ही असछी कहा नी।
ReplyDeleteThank you Dad !!
DeleteBeautifully written... Speaks about an amazing relationship between a father and a daughter !!
ReplyDeleteThanks Sujata. Glad you liked it.
Delete"papa me chote se bade hogye "
ReplyDeleteYehi Zindagi Hai... Jo pass Hai usse hum dekhte nahi aur jab woh dur Chala jata Hai tab, bahut der ho chuki hoti hai.
DeleteNice this the fact of the Life
ReplyDeleteThanks Rupesh Kumar
Deleteबहोत बढ़िया योगी!
ReplyDeleteपिता और बेटी के प्यारे से रिश्ते को बहोत ही बेहतरीन और भावनात्मक रूप में वर्णन किया है!
एक छोटी सी कोशिश की है . बेटी की पिडा द्रशाने के लिएे . शुक्रिया संजय
DeleteVery well written Yogi. Aur tumhara Hindi itni acchi acchi hai..pata hi nahi tha. Tum aise hi aur hai sare lekh Hindi me likhon ge aisi asha latte Hain.
ReplyDeleteHindi mein yeh Mera pehla prayash Hain. Koshish jaroor rahegi kuch jaldi hi pesh karu.... Aapke prem ko mein tahe Dil se pranam karta hun.
DeleteVery well written Yogi. Aur tumhari Hindi itni acchi hai..pata hi nahi tha. Tum aise hi aur dher sare lekh Hindi me likhte raho..
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