पल
जिंदगी का सफर बड़ा ही दिलचस्प है। कहने को तो हम खाली हात आते है , पर जातें वक़्त बेशुमार यादें और प्यार ले जाते है। खुश नसीब है वह जिनको ईश्वार रूपी माता पिता का प्रेम प्राप्त होता है। आज मैं मेरे पिता के बारे में कुछ पंकितयाँ पेश करना चाहती हु। मेरे पापा , " पापा " यह शब्द केहते ही मेरे चेहरे पे एक सुखदायी मुस्कान आ जाती है। दिल उत्साह से गदगद हो जाता है .. पापा वह है जो तुम्हे दुनिया की हर ख़ुशी देना चाहते है। तुम्हे हर मुश्किल से बचाना चाहते है। दुःख में तुम्हारे प्रथम साथी तथा मित्र बनकर तुम्हारे अश्रु पोछना चाहते है। पर पापा आजकल कही अंदर ही अंदर तूट रहें है। वह जानते है की उनकी परी अब बड़ी हो रही है। वह उसके सात ज्यादा समय नहीं बिता पा रहे है। दफ्तार का काम , बिटिया रानी के सपनो का भार , उसके लिए बेह्तरीन शिक्षा का आयोजन करना । इन सब चीज़ों में वह आजक...